मांगलिक दोष (Manglik Dosha) ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण विषय है, जो व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति पर आधारित होता है। यह दोष तब उत्पन्न होता है जब मंगल ग्रह कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है। इसे विवाह और वैवाहिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मांगलिक दोष के प्रकार:
- पूर्ण मांगलिक दोष:
जब मंगल पूरी तरह से कुंडली के उपर्युक्त भावों में स्थित हो, तो इसे पूर्ण मांगलिक दोष कहा जाता है। - आंशिक मांगलिक दोष:
जब मंगल कुंडली के किसी विशेष भाव में कमजोर स्थिति में हो या किसी शुभ ग्रह से दृष्ट हो, तो यह आंशिक मांगलिक दोष कहलाता है। - दोहरे मांगलिक दोष:
जब वर और वधू दोनों की कुंडलियों में मांगलिक दोष हो, तो इसे दोहरा मांगलिक दोष कहते हैं। - कुण्डली मिलान में अन्य ग्रहों का प्रभाव:
यदि अन्य शुभ ग्रह जैसे गुरु (बृहस्पति), शुक्र या चंद्रमा मंगल दोष को कमज़ोर करते हैं, तो इसे भी मांगलिक दोष के विभिन्न प्रकारों में गिना जाता है।
मांगलिक दोष के उपाय:
मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख उपाय हैं:
- मंगल शांति पूजा:
मंगल दोष को शांत करने के लिए विशेष पूजा और हवन कराए जाते हैं। मंगल यंत्र स्थापित करना भी लाभकारी होता है। - हनुमान जी की उपासना:
मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और बजरंग बली की पूजा करना मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करता है। - कुंभ विवाह (मांगलिक दोष निवारण):
मांगलिक व्यक्ति का प्रतीकात्मक विवाह किसी पेड़ (जैसे पीपल या केले का पेड़), देवता (मूर्ति), या कलश से कराया जाता है। इसके बाद ही व्यक्ति का वास्तविक विवाह किया जाता है। - मंगल ग्रह के मंत्र:
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जाप नियमित रूप से करना शुभ माना जाता है। - मंगलवार का व्रत:
मंगलवार के दिन व्रत रखना और लाल वस्त्र धारण करना मंगल दोष को कम करने में मदद करता है। - रक्तदान:
रक्तदान करना भी एक प्रभावी उपाय है। इससे मंगल ग्रह की अशुभता कम होती है। - रुचिकर चीज़ें दान करें:
मांगलिक व्यक्ति को लाल मसूर, लाल कपड़े, तांबे का बर्तन, और गुड़ जैसे चीज़ों का दान करना चाहिए। - शुभ विवाह:
यदि वर और वधू दोनों ही मांगलिक हों, तो उनका विवाह शुभ माना जाता है। इससे दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है।
विशेष ध्यान:
- मांगलिक दोष से डरने की आवश्यकता नहीं है। एक योग्य ज्योतिषी से परामर्श लें।
- दोष के प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति और उनके योग पर निर्भर करते हैं।
समाधान से पहले सही परामर्श ज़रूरी है।